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विनिशा उमाशंकर: 12 साल की उम्र में सौर ऊर्जा से चलने वाली गाड़ी का सपना देखने वाली भारतीय नवप्रवर्तक
एक छोटी-सी घटना से आया बड़ा विचारकई बार दुनिया को बदलने वाले विचार किसी बड़ी प्रयोगशाला में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी की एक साधारण-सी घटना से जन्म लेते…
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नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ के आशीर्वाद से 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने परिवारों के चरण पखारकर किया स्वागत, सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने का आह्वानगलगलाडीह, जैजैपुर। नवरात्रि के पावन चतुर्थ दिवस पर…
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कविता प्रेमियों के लिए एक अनोखा और ऐतिहासिक अवसर!
मुंबई के बैंडस्टैंड समुद्र तट पर विभिन्न भारतीय भाषाओं के कुल 80 प्रतिष्ठित कवि अपनी कविताओं के ज़रिए काव्य प्रेमियों से रूबरू होंगे। यह कार्यक्रम 24 और 25…
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एन-जेन पोस्ट ऑफिस में डाक सेवाओं के साथ युवाओं के लिए वाई-फाई, कैफेटेरिया, मिनी लाइब्रेरी, यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान की भी सुविधा
अहमदाबाद। डाक विभाग की युवा-केंद्रित और आधुनिक सेवाओं को शैक्षणिक परिसरों तक पहुंचाने की दिशा में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया जी के…
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आचार्य शुक्ल की पुत्री दुर्गावती और दामाद पं०चन्द्रबली त्रिपाठी
डॉ.मुनि लाल उपाध्याय “सरस” जी के शोध प्रबंध: “बस्ती जनपद के छंदकारों का साहित्यिक योगदान” भाग दो वर्ष 2008 में लेखक द्वारा प्रकाशित हो चुका है। इसमें केवल…
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जानलेवा होती हवा: सर्दियों से पहले ही प्रदूषण की चुनौती
सर्दियों ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है कि देश के अनेक शहरों की हवा में प्रदूषण का जहर घुलने लगा है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में…
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भारत की गोत्र परंपरा: इतिहास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक प्रासंगिकता
भारत की गोत्र परंपरा प्राचीन भारतीय समाज की एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक और वंशपरंपरागत व्यवस्था है। गोत्र का संबंध मुख्यतः किसी ऋषि-परंपरा या पितृवंशीय…
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प्रज्ञाचक्षु कवि श्री घनराज शास्त्री
डॉ.मुनि लाल उपाध्याय “सरस” जी के शोध प्रबंध: “बस्ती के छंदकार” के सूचीबद्ध मध्योत्तर (तृतीय) कलाधर- पाल-ब्रजेश चरण के कवि और छंदकार नाम दिया गया है। बस्ती जनपद…
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मतभेद अनेक फिर भी भारत एक, यही है राष्ट्रीय एकता
विजयादशमी पर भागवत-संदेशभारत केवल एक भौगोलिक सीमा में बसा देश नहीं, बल्कि विविधताओं के बीच विकसित हुई एक ऐसी सांस्कृतिक चेतना है, जिसने हजारों वर्षों से अनेक…
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सरस मेला 2026: ग्रामीण महिलाओं के उद्यमों को राष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचाने का माध्यम
केंद्र सरकार की डीएवाई-एनआरएलएम योजना के तहत आयोजित होने वाले सरस मेले, ग्रामीण महिला उद्यमियों को बड़े बाज़ारों, खरीदारों और व्यापार के अवसरों से जोड़ते हैं।…