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  1. आपको अपने बचपन वाले जन्मदिन याद हैं ?

    आपको अपने बचपन वाले जन्मदिन याद हैं ?वो आज कल के जन्मदिन से बहुत अलग हुआ करते थे। ये ख्याल मुझे अपने जन्मदिन पर आया जब मैं अपनी भतीजी से मिली। उसका नाम आस्था है। वो मुझे शुभकामनाएं देकर बोली, बुआ ! आप बर्थडे नहीं मनाओगी…

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  2. कुछ अधूरे, कुछ पूरे से ख्वाब !

    क्या आपने सुना है कि बिना बात करे दो लोगों में दोस्ती हो सकती है ? शायद नहीं ! लेकिन मेरी और सोनम की दोस्ती कुछ ऐसी ही थी।मैं और सोनम अभी एक दूसरे से वाक़िफ़ भी नहीं हुई थीं पर हमारी मुस्कुराहटें एक दूसरे से दोस्ती कर चु…

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  3. क्या आप बिना अलार्म के जाग सकते हैं ?

    मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि सुबह 5 बजे मेरी आँख खुल जाए। इतनी सुबह उठने के लिए एक या दो नहीं बल्कि लगातार चार से पांच अलार्म लगा कर सोना पड़ता था या फिर कोई दो- चार आवाज़ लगाए। सारे नहीं लेकिन मैंने अपने अधिकांश…

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  4. “परिवार” एक एहसास

    क्या आपको याद है कि आखिरी बार आपने अपने परिवार के साथ बैठकर फ़िल्म कब देखी थी?ज़रा याद कीजिए ! थोड़ा ज़ोर डालिए।बहुत ही कम लोग होंगे जिन्होंने घर के कमरे में टीवी पर एक पारिवारिक फ़िल्म का आनंद लिया होगा। निःसंदेह, उस…

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  5. तुम आशा विश्वास हमारे

    तुम धरती आकाश हमारे सा रे गा मा पर ये गीत चल रहा था और चार वर्ष की रुनझुन अपनी मम्मी के पीछे-पीछे घंटी लिए घूम रही थी । माँ पूजा की तैयारी कर रही थीं। मैं किसी काम से पूना आयी तो मामीजी के घर चार दिन के लिए ठहरी ।…

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  6. बादल पे पांव हैं

    यह लाइन “बादल पे पांव हैं” सुनते ही लगता है, जैसे किसी ने आज़ादी की ऊचाइयां छू ली हों| ज़रा सोचिए, अगर ये आज़ादी किसी लड़की या महिला ने चखी हो ? हाँ, एक लड़की जिसे हम हमेशा सुरक्षा देना चाहते हैं, उसे हर खतरे व मुसीबत…

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  7. क्या अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी सोचने की शक्ति को क्षीण कर सकती है ?

    क्या आपने कभी सोचा है कि पहले कैसे हम दिल्ली जैसे शहरों में भी आसानी से रास्ते याद रख लेते थे? लेकिन आज के समय में बिना गूगल मैप के छोटे रास्ते भी याद नहीं रहते। माना गूगल मैप लम्बी दूरी तय करने में, या फिर अनजानी जगह…

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  8. क्या निराश हो कर बैठना उचित है ?

    बचपन में गर्मियों की छुट्टियां आना और नई – नई कहानियॉं सुनना इन सब का अपना ही मज़ा था। मैं हर साल गर्मियों की छुट्टियों में अपनी बुआ के घर बड़ोदा जाती थी। पापा अक्सर मुझे छुट्टियों के समय बुआ के पास छोड़ आया करते थे। मैं…

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  9. टाइम कैप्सूल

    लगा कुछ ऐसा जब पहुँची Salwoods ! एक ऐसा जंगल हो रहा जहॉं जंगल में मंगल ही मंगल, गहरी घाटी नवेली दुल्हन कलरव चिड़ियों का युवा ह्रदय करते स्पन्दन, लगा कुछ ऐसा, आ गई हूँ अनोखे कार्निवल में खिले हैं जहॉं अनेकों मुस्कुराते…

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  10. पहाड़ पर छपे स्त्रियों के क़दम

    पर्वतीय क्षेत्रों की सैर कर के आए लोगों से अगर आप पूछें कि क्या देखा ? सभी प्राकृतिक सौंदर्य के वर्णन के साथ अनायास कह उठते हैं पहाड़ों पर पहाड़ों को जीतती पहाड़ी स्त्रियों को काम करते देखा। इसमें कोई दो राय नहीं है कि…

    7y ago · Read on hindiblog.projectfuel.in →