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त्रिनिदाद में एक बच्चे के संकल्प सेे बना बीच समुद्र में मंदिर
अंग्रेजी राज में अपने माता-पिता के साथ त्रिनिदाद गए एक बच्चे को यह बात खटकती थी कि त्रिनिदाद में कोई मंदिर नहीं है। उसके माता-पिता सहित हजारों भारतीयों को अंग्रेज वहाँ चीनी मिलों में मजदूर के रूप में काम करने के लिए ले…
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पुरातत्व उत्खनन इतिहास की एक प्रमाणिक और वैज्ञानिक विधि
भारत का पुरातत्व भारतीय संस्कृति और इतिहास का सबसे प्रमुख स्रोत होता है । पुरातत्व विज्ञान में अतीत के लोगों से संबंधित वैज्ञानिक शोध परक अध्ययन होता है। इसका मुख्य उद्देश्य इतिहास को समझना और उन्हें संरक्षित करना होता…
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भगवान जगन्नाथ का स्वर्णिम स्वरूप
भुवनेश्वर। जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ नर रुप में नारायण हैं। वे कलियुग के एकमात्र पूर्ण दारुब्रह्म हैं जो साल के 365 दिन तक अपनी दो मुख्य लौकिक-अलौकिक लीलाओं के माध्यम से भक्तों की आस्था और विश्वास के इष्टदेव अनादि काल से…
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ई-फाइलिंग पोर्टल से हिन्दी का विकल्प समाप्त करने व भाषाई भेदभाव के विरुद्ध शिकायत
सेवा में, माननीय सचिव, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली। विषय: ई-फाइलिंग पोर्टल (https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/) से हिन्दी का विकल्प समाप्त करने व भाषाई भेदभाव के विरुद्ध शिकायत। महोदय, मैं…
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मारवाड़ियों के मातृभूमि प्रेम पर सरकारी विश्वास का संकट!
गोड़वाड़ विकास की नई करवट ले रहा है। बड़ी कंपनियां बड़े प्लान लेकर पहुंच रही हैं। बड़े ब्रांड बड़े यूनिट लगा रही हैं। ‘सेलो’ ने शानदार शुरूआत की है। ‘किलर’ के कदम बढ़ रहे हैं। कुछ और कंपनियां भी कमर कस रही हैं। रोजगार…
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सकारात्मक और तथ्यपरक पत्रकारिता लोकतंत्र को करती है सशक्त : जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल
रायपुर/ रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल और रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और पत्रकारों से संवाद किया तथा प्रेस क्लब…
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कांग्रेस और राहुल गांधी नए नेतृत्व से ही मजबूत
भारतीय राजनीति में कांग्रेस के लिए ये बड़ी चुनौतियों का दौर है। एक ओर बीजेपी आक्रामक संगठन, मजबूत नेतृत्व और वैचारिक स्पष्टता के साथ अपनी संगठन और सत्ता दोनों को विस्तार दे रही है, तो उसके मुकाबले कांग्रेस अपने…
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हजार साल पहले भारतीय ज्योतिष की चमत्कारिक खोज
1000 वर्ष पूर्व और 1000 वर्ष बाद कौन सी तारीख को कितने बजे से कितने बजे तक (घड़ी, पल, विपल) कैसा सूर्यग्रहण या चन्द्र ग्रहण लगेगा, यह हमारा ज्योतिष विज्ञान बिना किसी अरबों खरबों का संयत्र उपयोग में लाये, बता देता है !…
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जब बंद पड़ी अलमारी से शाम शास्त्री ने खोज निकाला एक दुर्लभ ग्रंथ
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर मैसूर के एक सरकारी दफ्तर की धूल खाती आलमारी से ताड़ के पत्तों का एक बंडल न मिला होता, तो क्या हमें कभी पता चलता कि भारत के पास ढाई हजार साल पहले ही राजनीति, कूटनीति और अर्थशास्त्र का दुनिया…
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राजभाषा हिन्दी: दशा एवं दिशा
राजकाज के प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी का प्रयोग होता रहा है। राम बाबू शर्मा के अनुसार यह प्रयोग बारहवीं सदी से होता रहा है। (बारहवीं सदी से राजकाज में हिन्दी, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, (1980)) राजभाषा हिन्दी में हिन्दी…